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Flood in UP: यूपी के 35 गांवों में घुस गया बाढ़ का पानी, चेतावनी बिंदु के बार पहुंचा गंगा का जलस्तर_我的网站

A | 新加坡总理兼财政部长黄循财在8月23日的记者会上,接受记者提问。 जागरण संवाददाता, मीरजापुर। जिले में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर को गुरुवार की सुबह गंगा का जलस्तर पाकर करके शाम चार बजे तक 76.850 मीटर तक पहुंच गया है। इससे छह ब्लाक छानबे, कोन, सिटी, पहाड़ी, मझवां व सीखड़ के करीब 50 गांव में पानी घुस गया।,वहीं लगभग एक हजार बीघे फसल डूबकर नष्ट हो गई। सबसे अधिक कोन ब्लाक के एक दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित हुए है। प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम सदर व तहसील तथा अन्य कर्मचारी बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचकर निरीक्षक करते हुए क्षति का जायजा ले रहे है।,जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कर्मचारियों से प्रभावित लोगों की मदद करने का निर्देश दिया। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने क्षेत्रीय से लोगों की सुरक्षा करने के लिए निर्देश दिए है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर को पार करके खतरे के निशान 77.724 मीटर से पौने एक मीटर नीचे बह रहा है। एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहे पानी के चलते जिले के छानबे के डेरवा भटेवरा रोड व बिरोही अरगजा मार्ग पर पानी पहुंच गया है।,इससे इन मांर्गाे को बंद कर दिया गया है ताकि कोई घटना नहीं हो। वहीं कोन ब्लाक के 25 गांव में घुस गया है। कछवां क्षेत्र के सबेसबर, पिपराही, बरैनी, केवटावीर, धन्नूपुर, गांव तक पानी पहुंच गया है। वहीं पहाड़ी के नान्हूपुर आदि गांव में घुसा हुआ है। उधर चुनार व सीखड़ के गांव के सिवान में पानी घुसा है।,
- - गंगा बाढ़ का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार, बाढ़ पीड़ित परिवार भगवान भरोसे
- - गंगा बाढ़ का पानी घरों से लेकर आसपास फैला, मजबूर बाढ़ पीड़ित
- - पशुओं के लिए चारा पशुपालकों के लिए परेशानी का कारण
- - गंगा बाढ़ से घिरा मझरां के ऊंचाई स्थान पर मजबूर पशुपालक चरा रहे हैं पशुओं को
- - उप जिलाधिकारी सदर ने राजस्व कर्मियों के साथ बाढ़ इलाके का किया निरीक्षण
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण विकास खंड कोन क्षेत्र के आधा दर्जन गांव के घरों में गंगा बाढ़ का पानी घुस गया है। तटीय इलाकों में गंगा बाढ़ का पानी फैल चुका है। तीसरी बार गंगा में आई बाढ़ से प्रभावित गांव में अधिकारियों का आना-जाना लगा है ,किंतु बाढ़ राहत के नाम पर लंच पैकेट इत्यादि बाढ़ पीड़ितों को जिला प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया। बाढ़ से प्रभावित बाढ़ पीड़ित परिवार भगवान भरोसे ऊंचाई वाले स्थान घरों के छतों पर में रह रहे हैं।,कोन ब्लाक में गंगा बाढ़ का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करने के पश्चात हरसिंहपुर, मल्लेपुर, पूरवा, मठिया, बल्लीपरवा गांव के दलित बस्तियों में गंगा बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है ,जिससे बाढ़ पीड़ित परिवार ऊंचाई वाले स्थान पर अथवा छतो पर रह रहे हैं।,हरसिंहपुर गांव के मयाशंकर सरोज, करिया सरोज, झगड़, राम अवतार, मुरली, संजय आदि लोगों के घरों में गंगा बाढ़ का पानी घुस गया है। जबकि मल्लेपुर गांव के हरिशंकर ,गुड्डू यादव, राजदेव यादव आदि के घरों में गंगा बाढ़ का पानी घुस गया है । सभी लोग ऊंचाई वाली स्थान पर हैं अथवा छत पर रह रहे हैं । उक्त दोनों गांव के लगभग चार दर्जन परिवार से अधिक गंगा बाढ़ से प्रभावित हैं।,इसके अतिरिक्त क्षेत्र के मठिया, पूरवा, बल्लीपरवा का दलित कॉलोनी के परिवार गंगा बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। क्षेत्र के तटीय गांव के गंगा बाढ़ का पानी मिश्रधाप, चेकसारी ,बल्लीपरवा, कोल्हुआ मझिगवां, पचेवरा ,भोगांव, मुजेहरा कला, मुजेहराखुर्द,करेरूआ, गहिया, आदि गांव के खेतों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है।,गंगा बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा अब तक कोई खाने पीने की व्यवस्था नहीं किया गया है। न तो पशुपालकों के लिए पशुओं को चारा का व्यवस्था हुआ है, जिससे पूरा जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बहरहाल क्षेत्र में उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र राजस्व कर्मियों के साथ बाढ़ पीड़ितों के बीच में जाकर मदद का भरोसा दे रहे हैं। प्रभावित लोगों की कब मदद होगी यह कहना मुश्किल है।,पिछले 72 घंटों से लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर से चुनार क्षेत्र में फिर बार बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन द्वारा चुनार के जगदीशपुर टम्मलगंज, समसपुर, रैपुरिया, ढाब के नकहरा, जलालपुर माफी, बगहीं में नाव का संचालन करवाया जा रहा है।,वहीं चुनार के नागरपुर में आश्चर्य कूप जाने वाले मार्ग, चुनार सरैया मार्ग पर भी पलट प्रवाह के कारण जरगो नदी का पानी सड़कों पर आ गया है। यदि क्रम रहा तो एक दिन बाद इन रास्तों पर भी आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। चुनार के ढाब क्षेत्र के लल्ली की मड़ई पर भी पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है।,क्षेत्र के देवरिला माइनर के जर्जर टूटे तटबंध से पानी जाने से करीब 100 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।लगातार पानी बहने से किसानों की फसल डूब रही है। गुलौरी, मनई, देवरिला, गौरी एवं चरगोड़ा गांव की फसल पानी से डूबी हुई है। किसानों गोपाल सिंह, दिलीप दुबे, रजनीश सिंह, अमरनाथ यादव सहित अन्य तमाम किसानों ने जर्जर टूटे तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है।。(联合早报)
作者 许耀泉进入正题前,先谈谈两件看似风马牛不相及的事。首先,企业或是政府沟通的时候,都希望能主导舆论方向。要在这方面抢占先机,一个策略是主动、透明,尽快把自己要传达的信息发出去,信息更要清晰易懂,不给人们凭空揣测的空间。第二件事是100日这个时限。初为人父母者现在流行以宝宝100日诞辰,取代传统的满月;初登企业或国家领导等高职的人如今也习惯在上任第100日接受采访,或以其他形式做个汇报,总结自己上任后的观察,以及日后的大方向。将两者结合起来,或许就能解释新加坡总理兼财政部长黄循财选择在上个星期五(8月23日)召开上任后第一场记者会的原因了。黄循财在记者会上,阐述了新加坡政府接下来关注的课题。(联合早报)据《联合早报》报道,他在记者会上阐述第四代领导团队将如何打破一些旧思维,通过新的方式来组建一个“审慎而大胆”的政府。《海峡时报》也总结出记者会的五个重点如下: 致力缓解人们对生活费上涨的忧虑,并为年长者提供更多援助; 鼓励新加坡人不断寻找更好的方案,而不是安于现状; 大胆行事之余,仍会捍卫对新加坡有益的基本原则; 帮助新加坡人了解外部环境和地缘政治课题; 新加坡必须继续保持开放,吸引愿意融入的新移民,但新移民也须做出调整,接受新加坡人的生活方式。

B | 8月23日是黄循财接任总理第100日,选择在这天举行记者会阐述政府接下来的工作方向,并进一步说明他在国庆群众大会上列出的一些重点,也算是好时机。或许是大家习惯了国家领导在特定场合或是发生什么大事了才召开记者会发表声明,并接受记者提问,黄循财的这场记者会,对一些人来说可能有些“无预警”的意味,甚至可能根据时事,揣测其原因。别的不说,红蚂蚁们当天就在猜测,是不是猴痘疫情急转直下,还是什么跟大选有关的宣布,才要“惊动”总理召开记者会。但是,在这个记者会之前,黄循财也不定时在社交媒体上发布短视频。

C | 在这些短视频中,黄循财通常都在自己的办公室里,一如既往地穿着浅色长袖上衣,一句简单的“Hi everyone(大家好)!”之后,就切入正题。他在短视频中谈论的课题相当广泛,从新加坡该如何定义成功、在一场学生对话会上没时间回答完的问题,或是以“你问我答(Your questions, my answer)”的形式回答网民提问,不一而足,语调也配合主题,时而严肃,时而轻松。

D | 黄循财总理谈如何在新加坡重新定义成功这一概念。

E | (取自黄循财脸书)要说23日的记者会和这些短视频都是“无预警”发生,也不尽然,因为他上任前就说过,会多举行记者会,通过媒体与新加坡人分享他的想法,社交媒体想必也在他的全盘计划当中。时任总理李显龙在2019年接受电视访问时,曾表明自己曾对社交媒体抱持跟建国总理李光耀相似的态度:“(李光耀先生他)说,要演讲,(但)不要天天演讲,因为讲得太多,人家听了会厌烦。

F | 要等一段时间,有重要的事情,也有重要的讯息要传达,准备好了再做一番慎重的演讲,大家会注意,(这也)会有影响力。每天说话,变成流水账,没有意思了。”当然,这是他五年前所表达的看法,在现今科技瞬息万变的时代,人们对某件事的看法在五年内可以彻底改变。黄循财也看得出比李显龙更愿意采取主动,利用社交媒体与人们交流,但如何控制曝光率,避免这方面的努力成为“流水账”,还是值得他和他的团队推敲一番。
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Published on:16:24:30